Bihar News: बिहार के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पूर्वी रेलवे ने बड़हरवा से भागलपुर के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा है, जिसकी कुल लंबाई 256 किलोमीटर (128-128 किमी) होगी। इस परियोजना पर अनुमानित खर्च 4879.63 करोड़ रुपये है, जिसमें जमालपुर-भागलपुर के बीच तीसरी लाइन (53 किमी) के लिए 1156 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
यह राशि भूमि अधिग्रहण और निर्माण के लिए होगी और काम को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है। रेलवे के आकलन के मुताबिक, इससे सालाना 538 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ और 1341 करोड़ का व्यावसायिक लाभ होगा, यह कोसी-सीमांचल और उत्तर बिहार के लिए वरदान साबित होगा।
यह परियोजना बिहार के पूर्वी हिस्से में माल ढुलाई की रफ्तार को दोगुना कर देगी। अभी दो लाइनों पर सवारी और मालगाड़ियां चलती हैं, जिससे ट्रेनें अक्सर रुकती रहती हैं, सवारी गाड़ियां या तो माल गाड़ी को रोकती हैं या उल्टा मालगाड़ियां ही पैसेंजर ट्रेनों को लेट कर देती हैं। नई लाइनों से ट्रेनें आसानी से पार हो सकेंगी, खाद्य सामग्री, कोयला और अन्य सामान को समय पर पहुंचाया जा सकेगा।
व्यापारियों को अब कोल्ड स्टोरेज या वेयरहाउस में माल रखने का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा, क्योंकि लोडिंग तुरंत हो सकेगी। जमालपुर के लोकोमोटिव वर्कशॉप और भागलपुर के इंडस्ट्रियल बेल्ट को इससे सीधा फायदा मिलेगा और सहरसा, पूर्णिया जैसे इलाकों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को PM गति शक्ति योजना से जोड़ा है, यह प्रोजेक्ट मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी पर फोकस करती है। जमालपुर-भागलपुर थर्ड लाइन को कैबिनेट ने अगस्त 2025 में मंजूरी दे दी है और अब फोर्थ लाइन का प्रस्ताव फाइनल स्टेज में है। इससे तेजस एक्सप्रेस जैसी सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों का रूट साफ होगा और वंदे भारत, अमृत भारत जैसी नई ट्रेनें चलाने का रास्ता बनेगा। ट्रैक किनारों पर फेसिंग का काम भी चल रहा है, ताकि स्पीड बढ़ सके। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए माल ढुलाई में समय की बचत से रेलवे का राजस्व बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।






