Bihar News: बिहार के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक शानदार खबर है क्योंकि दशकों का इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है। राज्य सरकार ने राजगीर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का रखरखाव और संचालन बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को सौंपने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई।
45,000 दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम अब बीसीसीआई के दिशानिर्देशों पर चलेगा, जिससे बिहार की जमीन पर जल्द ही आईपीएल, रणजी ट्रॉफी और अंतरराष्ट्रीय मैचों का रोमांच देखने को मिलेगा। बीसीए अध्यक्ष राकेश तिवारी ने इसे बिहार क्रिकेट का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए सरकार को धन्यवाद कहा है।
राजगीर का यह स्टेडियम बिहार के लिए क्रिकेट का नया केंद्र बनेगा। पहले राज्य के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों की कमी और आंतरिक कलह के कारण दूसरे राज्यों में पलायन कर जाते थे। अब युवा क्रिकेटरों को घर के मैदान पर ही विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की तर्ज पर बन रहा यह मैदान न सिर्फ क्रिकेट बल्कि फुटबॉल और अन्य खेलों के लिए भी तैयार किया जा रहा है।
कैबिनेट ने पटना प्रमंडल में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 574 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी भी दी, जिसमें पुनपुन अंचल के डुमरी में 101 एकड़ जमीन अधिग्रहण शामिल है। इससे नालंदा जिले के क्रिकेट प्रेमी खासा उत्साहित हैं, जहां एसोसिएशन ने खुशी में मिठाई बांटकर जश्न मनाया है।
कैबिनेट ने 'बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ी सीधी नियुक्ति नियमावली 2023' को मंजूरी भी दी है, जिसके तहत हर साल 5 पुरुष और 5 महिला खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर सरकारी नौकरी मिलेगी। बिहार के मूल निवासी होने की शर्त के साथ यह योजना खेलों को बढ़ावा देगी। खेल मंत्री ने कहा कि इससे युवाओं को आत्मविश्वास मिलेगा और वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
स्टेडियम की तैयारी जून तक पूरी होने की उम्मीद है और जुलाई से मैच भी शुरू हो सकते हैं। बीसीए को मिले इस जिम्मे से राज्य का क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, उधर मोइन-उल-हक स्टेडियम के लिए पहले ही एमओयू साइन हो चुका है और आने वाले समय में यह भी अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी करता नजर आ सकता है।






