Bihar News: बगहा की विशेष अदालत ने बिहार के 2016 शराबबंदी कानून के तहत शराब तस्करी के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कुख्यात शराब तस्कर को 5 साल की सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। यह 2022 में स्थापित उत्पाद कोर्ट का पहला फैसला है, जिससे शराब तस्करी पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
बगहा की मद्यनिषेध विशेष अदालत में न्यायाधीश राजीव कुमार द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के विशुनपुरा, थाना बड़रियापट्टी निवासी जसपाल पटेल को शराब तस्करी के मामले में दोषी ठहराया है। जसपाल को 21 जून को 5 साल की सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। उनकी गिरफ्तारी धनहा थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान हुई थी, जब पुलिस ने संदेह के आधार पर उनकी तलाशी ली और 600 लीटर देशी शराब बरामद की थी।
पुलिस ने जसपाल को पिकअप वाहन सहित गिरफ्तार कर मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(ए) के तहत कांड संख्या 4129/22 दर्ज किया था। विशेष लोक अभियोजक अनवर हुसैन अंसारी ने करीब तीन साल चली सुनवाई के दौरान प्रभावी पैरवी की और साबित किया कि आरोपी ने शराबबंदी कानून का गंभीर उल्लंघन किया है। फैसले के बाद अंसारी ने इसे शराबबंदी नीति की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला शराब माफियाओं के मनोबल को तोड़ेगा और सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती देगा।
रिपोर्टर: दीपक राज






