Bihar Flood Alert: पटना में लगातार तीन दिनों की बारिश ने गंगा नदी को उफान पर ला दिया है, जिससे शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। 5 अगस्त को गंगा का जलस्तर गांधी घाट पर खतरे के निशान (48.60 मीटर) से 70 सेमी, दीघा घाट पर (50.45 मीटर) से 36 सेमी और हाथीदह में (41.76 मीटर) से 56 सेमी ऊपर दर्ज किया गया। बिंद टोली, दियारा और मनेर जैसे निचले इलाकों में पानी घुसने से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। गांधी घाट के रिवर फ्रंट पर पानी बह रहा है, जिससे सुबह-शाम टहलने वालों को परेशानी हो रही है।
बिंद टोली में जलभराव ने लोगों के लिए जी का जंजाल खड़ा कर दिया है। घुटने से ऊपर पानी भरने से निवासी टेबल या चौकी पर चूल्हा रखकर खाना बनाने को मजबूर हैं। रास्तों पर पानी जमा होने से नाव चल रही हैं और लोग अपने पशुओं को जेपी गंगा पथ के किनारे ले जा रहे हैं। दियारा क्षेत्र में खेत जलमग्न हो गए हैं, जिससे धान और मक्का की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, अभी तक बड़े पैमाने पर पलायन की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन स्थानीय लोग बाढ़ की आशंका से चिंतित हैं।
जिला प्रशासन और बिहार जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। एडीएम आपदा डीपी शाही ने बताया कि जलस्तर पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत शिविर, नाव, भोजन और दवाइयों की व्यवस्था की जाएगी। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं और तटबंधों की 24x7 निगरानी हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कोसी, गंडक और बागमती नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है, जिससे उत्तर बिहार में खतरा गहरा रहा है।
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मॉनसून 8 अगस्त तक सक्रिय रहेगा और हल्की से भारी बारिश की संभावना जारी रहेगी। नेपाल और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण गंगा में पानी का प्रवाह बढ़ा है। मौसम विभाग ने लोगों से नदियों के किनारे और निचले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की है। बिंद टोली और दियारा के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन हेल्पलाइन (1077) शुरू की है।






