Bihar Education News: शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक की मीटिंग का वीडियो रिकार्ड कर वायरल करने के मामले में एक अधिकारी को अब जाकर दंड मिला है. वीसी के माध्यम से आयोजित मीटिंग का वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में आरोपी सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को 4 अप्रैल 2024 सस्पेंड किया गया था. विभागीय कार्यवाही चलाकर उन्हें अब दंड दिया गया है.
20 फरवरी 2024 की मीटिंग का वीडियो हुआ था वायरल
सहरसा के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रजनीश कुमार झा ने 20 फरवरी 2024 को संघ्याकालीन वीसी में बिना अनुमति वीडियो कांफ्रेंसिंग का वीडियो रिकार्ड किया. इतना ही नहीं उसे सोशल मीडिया प्लॉफार्म पर अपलोड कर वारयल किया. इस आरोप में डीपीओ रजनीश कुमार झा से शिक्षा विभाग ने शो कॉज पूछा. इसके बाद 4 अप्रैल 2024 को इन्हें निलंबित कर दिया गया.18 मार्च 2024 के प्रभाव से इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित की गई. हालांकि विभाग ने इन्हें 19 मार्च 2024 के प्रभाव से निलंबन मुक्त भी कर दिया.
एक वेतन वृद्धि पर रोक का दंड
शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में प्रमाणित आरोप के संबंध में इनसे दूसरा स्पष्टीकरण पूछा गया. समीक्षा के बाद शिक्षा विभाग ने डीपीओ रजनीश कुमार झा को असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक का दंड दिया है. साथ ही निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ नहीं देय होगा. रजनीश कुमार झा वर्तमान में वर्तमान में जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय सिवान में प्रतिनियुक्त हैं.
अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं केके पाठक
बता दें, नीतीश सरकार ने कड़क आईएएस अधिकारी केके पाठक को जून 2023 में शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया था. ये 12 जून 2024 तक विभाग का जिम्मा संभाले. इस दौरान शिक्षा विभाग काफी चर्चा में रहा. केके पाठक ने शिक्षा में सुधार को लेकर कई कदम उठाये. हालांकि वे विवादों में भी घिरे. कई मुद्दों पर राजभवन से लेकर विभाग के मंत्री, बीपीएससी अध्यक्ष तक से टकराव हुआ।



