ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 4 अपहृत युवक-युवतियों को किया सकुशल बरामदनीतीश कुमार दे सकते हैं इस्तीफा!..14 अप्रैल को नए CM के शपथग्रहण की चर्चा तेजझारखंड रवाना हुए तेजस्वी यादव, बिहार की कानून व्यवस्था पर साधा निशानावैशाली में डायल 112 की टीम पर कार्रवाई: घूस मांगने और मारपीट मामले में पुलिस कर्मी सस्पेंड, काम से हटाये गये 2 होमगार्ड जवान वैशाली में जमीन मापी के दौरान बवाल, सीओ और पुलिस के सामने दो पक्षों में हिंसक झड़प, 15 लोग घायलमुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 4 अपहृत युवक-युवतियों को किया सकुशल बरामदनीतीश कुमार दे सकते हैं इस्तीफा!..14 अप्रैल को नए CM के शपथग्रहण की चर्चा तेजझारखंड रवाना हुए तेजस्वी यादव, बिहार की कानून व्यवस्था पर साधा निशानावैशाली में डायल 112 की टीम पर कार्रवाई: घूस मांगने और मारपीट मामले में पुलिस कर्मी सस्पेंड, काम से हटाये गये 2 होमगार्ड जवान वैशाली में जमीन मापी के दौरान बवाल, सीओ और पुलिस के सामने दो पक्षों में हिंसक झड़प, 15 लोग घायल

BIHAR ECONOMIC REPORT 2025-26: बिहार में इस जिले के लोगों के पास सबसे ज्यादा पैसे, जानिए कितना है प्रति व्यक्ति आय, आई नई रिपोर्ट

बिहार सरकार ने आर्थिक सर्वे 2025-26 जारी कर दिया है, जिसमें राज्य के 38 जिलों की तुलना उनके आर्थिक स्तर के आधार पर की गई है।

BIHAR ECONOMIC REPORT 2025-26: बिहार में इस जिले के लोगों के पास सबसे ज्यादा पैसे, जानिए कितना है प्रति व्यक्ति आय, आई नई रिपोर्ट
TejpratapTejpratap|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

BIHAR ECONOMIC REPORT 2025-26: बिहार सरकार ने आर्थिक सर्वे 2025-26 जारी कर दिया है, जिसमें राज्य के 38 जिलों की तुलना उनके आर्थिक स्तर के आधार पर की गई है। यह रिपोर्ट हर साल राज्य की आर्थिक प्रगति और जिलों के बीच विकास के अंतर को दिखाती है। इसमें खासकर यह बताया गया है कि किन जिलों की प्रति व्यक्ति आय ज़्यादा है और किन जिलों में कम है। इसका मकसद यह समझना है कि विकास के मामले में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में क्या स्थिति है। 


सबसे अमीर जिला पटना बना है, जहां का प्रति व्यक्ति आय अन्य जिलों की तुलना में सबसे अधिक दर्ज की गई है। पटना में प्रति व्यक्ति आय लगभग 1,31,332 रुपये है, जो राज्य के औसत से काफी ऊपर है। इसी तरह बेगूसराय और मुंगेर भी ऐसे जिले हैं, जहां की प्रति व्यक्ति आय अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में पाई गई है।


दूसरी ओर, सर्वे में जिन जिलों की आय सबसे कम पाई गई है, उनमें शिवहर, सीतामढ़ी और अररिया प्रमुख हैं। इन जिलों में प्रति व्यक्ति आय बहुत कम है, जिसका मतलब यह है कि इन इलाकों में आर्थिक गतिविधियाँ और रोजगार के अवसर सीमित हैं। उदाहरण के तौर पर शिवहर में प्रति व्यक्ति आय सबसे कम दर्ज हुई है, जो कि राज्य के समग्र विकास दर से पीछे है। 


आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राज्य की कुल औसत प्रति व्यक्ति आय लगभग 76,490 रुपये है। इसका मतलब है कि पटना जैसे विकसित जिलों और गरीब जिलों के बीच आय में काफी अंतर है। ऐसे आंकड़े यह दिखाते हैं कि बिहार में अभी भी विकास और समृद्धि के बीच असमानता मौजूद है, और सरकार को इसे कम करने के उपायों पर ध्यान देना होगा। 


इस रिपोर्ट का उदेश्य यह समझना है कि आर्थिक प्रगति का लाभ सभी जिलों तक समान रुप से कैसे पहुंचे। जब कुछ जिले तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वहीं कई ऐसे जिले भी है जो काफी पिछे हैं इससे यह स्पष्ट होता है कि विकास की रफ्तार और तरीकों में संतुलन लाना आवश्यक है। 


सरकार द्वारा जारी इस आर्थिक सर्वेक्षण में राज्य के विकास, रोजगार, आय और जिलों के बीच अंतर का पूरा विश्लेषण उपलब्ध कराया गया है। यह रिपोर्ट यह भी इंगित करती है कि पटना और कुछ अन्य जिलों में आर्थिक गतिविधियाँ ज्यादा होने के कारण लोग वहां बेहतर आय कमा पा रहे हैं, जबकि ग़रीब जिलों में आर्थिक अवसरों की कमी है। 

इस खबर के बारे में
Tejpratap

रिपोर्टर / लेखक

Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें