Bihar News: बिहार सरकार महिला एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए 328 स्तनपान कार्नर स्थापित करने जा रही है। ये कार्नर सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में माताओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गोपनीय स्थान प्रदान करेंगे, ताकि वे बिना संकोच अपने शिशुओं को स्तनपान करा सकें।
स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, सदर अस्पतालों और अनुमंडलीय अस्पतालों में पहले से चरणबद्ध तरीके से ब्रेस्ट फीडिंग कार्नर बनाए जा चुके हैं। अब इस सुविधा को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक विस्तार दिया जा रहा है।
स्तनपान कार्नरों को माताओं की जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। इसमें आरामदायक कुर्सियां, साफ-सुथरा वातावरण, पर्याप्त रोशनी, वेंटिलेशन और निजी स्थान की व्यवस्था शामिल होगी। इसके अलावा पीने के पानी और हाथ धोने की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जन्म के पहले छह महीनों में केवल स्तनपान अत्यंत आवश्यक होता है, लेकिन अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर उपयुक्त व्यवस्था न होने के कारण कई माताएं असहज महसूस करती हैं। इस पहल से माताओं को मनोवैज्ञानिक सहयोग मिलेगा और स्तनपान की दर बढ़ाने में मदद होगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, यह योजना राष्ट्रीय पोषण मिशन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य शिशुओं में कुपोषण को कम करना, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना और माताओं के स्वास्थ्य में सुधार लाना है। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगी।




