Bihar News: बिहार की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बड़ी पहल हुई है। राजधानी पटना में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के साथ उच्चस्तरीय बैठक में 1 बिलियन डॉलर (करीब 9000 करोड़ रुपये) से अधिक के निवेश प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है। मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार अब ढांचागत विकास में बड़ी छलांग लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है और एडीबी के साथ यह साझेदारी विकास की गति को कई गुना बढ़ाएगी।
औद्योगिक क्लस्टर और रोजगार
इस निवेश योजना का सबसे बड़ा हिस्सा औद्योगिक क्लस्टर विकास पर केंद्रित है। गया और मुजफ्फरपुर में एकीकृत क्लस्टर बनाए जाएंगे, जिससे राज्य के विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। इसका सीधा असर रोजगार के अवसरों पर पड़ेगा और स्थानीय विनिर्माण क्षेत्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खड़ा हो सकेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को उच्च उत्पादकता और नवाचार-प्रेरित अर्थव्यवस्था में बदलना है, जहां युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
पर्यटन, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र
बिहार की पर्यटन और कृषि को प्राथमिकता दी गई है। राज्य के ऐतिहासिक बौद्ध सर्किट का विकास किया जाएगा ताकि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें। जल संसाधन और कृषि रूपांतरण परियोजनाओं से सिंचाई की पुरानी व्यवस्था को सुधारा जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा और स्मार्ट ग्रिड सिस्टम पर जोर दिया गया है, जिससे बिजली वितरण और अधिक सुदृढ़ होगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास
एडीबी के निवेश में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार शामिल है। बिहार स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा रूपांतरण परियोजना के तहत अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। स्कूली शिक्षा में ‘स्कूल रेडीनेस गैप’ कम करने और महिलाओं पर केंद्रित MSME विकास तथा PPP मॉडल को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा, सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुधार कर राजस्व संग्रहण को बेहतर बनाने में भी एडीबी बिहार सरकार का साथ देगा। बिहार सरकार इस निवेश के जरिए राज्य को सस्टेनेबल और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए व्यापक योजनाएं लागू करने जा रही है।





