Bhumi Dakhil Kharij: अगर आपने ने भी जमीन खरीद ली है लेकिन विक्रेता ने अब तक उसका दाखिल खारिज (mutation) नहीं कराया है, तो यह आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए बताया है कि किस स्थिति में दाखिल खारिज आवेदन अस्वीकृत हो सकता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
राजस्व एबं भूमि सुधार बिभाग के अनुसार, दाखिल खारिज आवेदन के अस्वीकृत होने का एक प्रमुख कारण ‘दर केवाला’ यानी विक्रेता का बहीखाता या जमीन के स्वामित्व का प्रमाणपत्र संलग्न न होना है। यदि विक्रेता ने खुद दाखिल खारिज नहीं कराया है, तो खरीददार को विक्रेता से उसका दर केवाला लेकर आवेदन के साथ संलग्न करना अनिवार्य है।
इसके साथ ही अपने केवाला (खरीद का दस्तावेज) के अलावा विक्रेता की रसीद भी संलग्न करना होगा। बिना इन दस्तावेजों के दाखिल खारिज का आवेदन करने पर उसे अस्वीकृत कर दिया जाता है। विभाग ने रैयतों को सतर्क करते हुए कहा है कि दाखिल खारिज के लिए आवेदन से पहले सभी दस्तावेजों की जांच कर लें और पूरी तैयारी के साथ ही ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करें।
क्या करें:
विक्रेता से दर केवाला प्राप्त करें
अपने केवाला और विक्रेता की रसीद को आवेदन में जोड़ें
दस्तावेजों की सटीकता सुनिश्चित करें
क्या न करें:
बिना दर केवाला के आवेदन न करें
अधूरे दस्तावेज के साथ आवेदन न करें
राजस्व विभाग लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है ताकि भूमि विवादों से बचा जा सके और प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।






