ब्रेकिंग
बेगूसराय में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: 12 हजार घूस लेते आपूर्ति पदाधिकारी और डीलर गिरफ्तारघूसखोर ESI की गिरफ्तारी का विरोध: परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने किया काम-काज ठपचिराग के सामने नरम पड़े पारस, करने लगे पार्टी और परिवार को एक करने की मांग, कहा..भतीजा CM बनें तो खुशी होगीनीतीश के गृह क्षेत्र नालंदा का मामला पप्पू यादव ने लोकसभा में उठाया, कहा..दोषियों को मिले फांसी की सजा BHU में जाति पूछकर ब्राह्मण छात्र को मारा थप्पड़, सपा नेता हिमांशु यादव ने पूछा..कौन कास्ट बाबेगूसराय में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई: 12 हजार घूस लेते आपूर्ति पदाधिकारी और डीलर गिरफ्तारघूसखोर ESI की गिरफ्तारी का विरोध: परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने किया काम-काज ठपचिराग के सामने नरम पड़े पारस, करने लगे पार्टी और परिवार को एक करने की मांग, कहा..भतीजा CM बनें तो खुशी होगीनीतीश के गृह क्षेत्र नालंदा का मामला पप्पू यादव ने लोकसभा में उठाया, कहा..दोषियों को मिले फांसी की सजा BHU में जाति पूछकर ब्राह्मण छात्र को मारा थप्पड़, सपा नेता हिमांशु यादव ने पूछा..कौन कास्ट बा

भागलपुर के पूर्व कमिश्नर की बेटी ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में बताई वजह

BHAGALPUR : बड़ी खबर भागलपुर से है, जहां भागलपुर के पूर्व कमिश्नर अखिलेश्वर गिरी की बेटी अनुभूति गिरी जायसवाल ने सुसाइड कर लिया है. अनुभूति की मौत को बाद घर म

भागलपुर के पूर्व कमिश्नर की बेटी ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में बताई वजह
Anamika
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle

BHAGALPUR : बड़ी खबर भागलपुर से है, जहां भागलपुर के पूर्व कमिश्नर अखिलेश्वर गिरी की बेटी अनुभूति गिरी जायसवाल ने सुसाइड कर लिया है. अनुभूति की मौत को बाद घर में कोहराम मच गया है. 


बताया जा रहा है कि अनुभूति ने आदमपुर थाना क्षेत्र के खरमंचक स्थित अपने ससुराल में खुदकुशी कर ली है. मरने से पहले अनुभूति ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें उन्होंने सुसाइड की वजह बीमारी बताई है. सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि वह अपनी गंभीर बीमारी की वजह से खुदकुशी कर रही है.बीमारी के अलावे और कोई भी सुसाइड की वजह नहीं है. इसके साथ ही उसने लिखा है कि उसके पति और ससुरालवाले बहुत अच्छे हैं. वो सब उसका बहुत ख्याल रखते हैं. उसे किसी से कोई शिकायत नहीं है. 


मैं भी अपने बच्चों के साथ जीवन बिताने का सोचती हूं पर लगता है कि बिमारी की वजह से यह नहीं हो पाएगा. बीमारी ने उसे तोड़ कर रख दिया है. 2 साल से मैं दवाइयां और डॉक्टर से परेशान हो गई हूं.इन्हीं सब से परेशान होकर यह कदम उठा रही हूं. ये मेरा एक-दो दिन का फैसला नहीं है बल्कि मैं 6 माह से यह सोच रही थी. मेरे नाम से जो LIC  है वो मेरे दोनों बच्चों को दिया जाए. मेरी अंतिम क्रिया आर्य समाज से किया जाए और मुझे मुखाग्नि मेरा बेटा दे. मैं अपने मम्मी पापा से माफी मांगती हूं. उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया. मुझे अपने बच्चों को छोड़कर जाने का दुख भी है. सब मुझे माफ कर देना. आई एम सॉरी.....आपकी अनुभूति.

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Anamika

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें