Bihar crime news : बिहार के बेतिया जिले में प्रेमी युगल के साथ हुई बर्बरता ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। शिकारपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में गुरुवार रात स्थानीय ग्रामीणों ने एक किशोरी और पड़ोसी गांव के किशोर को प्रेम-प्रसंग के आरोप में पकड़ लिया और उनकी बेरहमी से पिटाई की। घटना का एक वीडियो ग्रामीणों ने बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस वीभत्सता और अपमानजनक वीडियो से आहत किशोरी ने शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे अपने घर में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार, किशोरी और किशोर को पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने उनके साथ अत्यधिक क्रूरता दिखाई। किशोरी वहां से भागने में सफल रही, लेकिन किशोर को पोल से बांधकर रातभर पीटा गया। कड़ाके की ठंड में उसके कपड़े उतार कर उसके शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर वार किए गए। इसके बाद शुक्रवार सुबह गांव वालों ने उसका सिर मुंडवाया, चेहरे पर कालिख पोती और पूरे गांव में घुमाया। इस पूरी घटना का वीडियो वायरल होने के बाद किशोरी ने आत्महत्या का रास्ता अपनाया।
किशोरी के माता-पिता उस समय रिश्तेदारी में गए हुए थे। पिता के घर लौटने पर ही घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। बेटी की मौत की खबर सुनते ही उसकी मां को हार्ट अटैक आया, उन्हें गंभीर हालत में बेतिया के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
किशोरी के परिवार ने इस घटना को हत्या की साजिश बताया है। उनका आरोप है कि उनकी बेटी घर में सो रही थी और किसी साजिश के तहत बुलाकर फंसाया गया, जिससे उसकी जान चली गई। परिवार ने दोषियों को सजा देने की मांग की है।
सूचना मिलते ही एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह और थानाध्यक्ष ज्वाला कुमार सिंह अपने दल-बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने घायल किशोर को अस्पताल में भर्ती कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह हत्या है या आत्महत्या। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटना ने समाज में व्याप्त लोकलाज और नाबालिग के साथ हो रही हिंसा पर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों की बर्बरता, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होना और किशोरी की आत्महत्या ने कानून व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की त्वरित जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बेतिया की यह घटना न केवल स्थानीय समाज को हिला देने वाली है, बल्कि पूरे बिहार में किशोरों और किशोरियों की सुरक्षा, सामाजिक सोच और ऑनलाइन वायरल हिंसा के खतरों पर गंभीर चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस और प्रशासन मामले में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरतेंगे और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
इस वीभत्स घटना ने समाज में नाबालिगों के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा के महत्व को दोबारा रेखांकित किया है। ऐसे मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई, सामाजिक जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन अत्यंत आवश्यक हैं।
कुल मिलाकर, बेतिया की यह घटना न केवल प्रेम-प्रसंग में दखल देने वाले लोगों की बर्बरता को उजागर करती है, बल्कि किशोरों के अधिकार और उनके जीवन की सुरक्षा के प्रति समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी को भी चुनौती देती है।





