बिहार में अब शहरी इलाकों में ही नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों के चौराहों पर भी ऑटोमेटिक चालान कटेंगे। परिवहन विभाग ने तय किया है कि अप्रैल से कैमरे लगाने का काम शुरू हो जाएगा। वहीं, 31 मार्च तक 26 जिलों के सभी 72 प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगे। इस फैसले से ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराने और अपराध पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।
परिवहन विभाग के मुताबिक, अप्रैल से 26 जिलों में ट्रैफिक उल्लंघन पर सीधे ऑनलाइन चालान भेजे जाएंगे। इन जिलों में मधेपुरा, सुपौल, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नवादा, समस्तीपुर, मधुबनी, शेखपुरा, जमुई, लखीसराय, बांका, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बक्सर, रोहतास, कैमूर, भोजपुर, गोपालगंज, सीवान, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली, खगड़िया और मोतिहारी शामिल हैं। इन जिलों में हर हफ्ते समीक्षा बैठक कर प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है।
सीसीटीवी कैमरे से हेलमेट नहीं पहनने, बिना सीट बेल्ट, रेड लाइट जंप करने और ओवरस्पीडिंग करने पर सीधे ऑटोमेटिक चालान काटा जाएगा। कैमरों की निगरानी से संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगेगी और अपराधियों की पहचान होगी। भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहचान होने से यातायात को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी। कैमरों की फुटेज का इस्तेमाल कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
पटना में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। चिरैयाटाड़ चौधरी पेट्रोल पंप, आरएन सिंह मोड़, राजापुर ब्रिज, भूतनाथ रोड, दिनकर मोड़, गायघाट, पहाड़ी, दीदारगंज मोड़, जीरो माइल, 90 फीट रोड, दशरथ मोड़, एम्स गोलंबर, खगौल मोड़, पटेल भवन, अटल पथ, जेपी सेतु, शिवाला मोड़, रूपसपुर ब्रिज, कदमकुआं, एनआईटी मोड़, दीघा-सोनपुर ब्रिज और कमिश्नर ऑफिस जैसे इलाकों में कैमरे लगाए जा चुके हैं। अब पटना के बाहरी इलाकों और विस्तारित इलाकों में भी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट और सुरक्षित बनाया जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से पहले सर्वे कराया जाएगा, जिसके माध्यम से मुख्य चौक-चौराहों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर काम कराया जाएगा। अप्रैल से इसकी शुरुआत होने के बाद धीरे-धीरे यह सुविधा सभी प्रमुख गांवों और कस्बों तक पहुंचाई जाएगी।





