ARWAL: अरवल जिले में पर्यटन विकास को गति देने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने कलेर प्रखंड अंतर्गत मधुश्रवां क्षेत्र का स्थल निरीक्षण कर पर्यटन विकास की संभावनाओं का आकलन किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में उपलब्ध भौतिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक संसाधनों का गहन अवलोकन कर पर्यटन के अनुकूल योजनाबद्ध विकास की दिशा तय करना था।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने मधुश्रवां क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने आवागमन की सुविधा, सड़क संपर्क, पर्यटकों के लिए आधारभूत संरचनाओं की संभावनाएं, स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता का विस्तृत निरीक्षण किया। डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यटन विकास की दृष्टि से आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रतिवेदन समर्पित किया जाए, ताकि आगे की कार्यवाही समयबद्ध रूप से की जा सके।
अरवल की जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने कहा कि मधुश्रवां जैसे क्षेत्रों में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। यदि योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए तो इससे न केवल क्षेत्र की पहचान सुदृढ़ होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने पर बल दिया, ताकि पर्यटन विकास से जुड़े कार्य प्रभावी ढंग से धरातल पर उतर सकें। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार, अपर समाहर्ता रवि प्रसाद चौहान, जिला पंचायती राज पदाधिकारी विनोद कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन अरवल द्वारा जिले के पर्यटन स्थलों के समग्र विकास हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग के माध्यम से जिले के सर्वांगीण विकास को गति मिल सके।



