मिथिला की शान दरभंगा में मेट्रो चलाने का सपना अब साकार होने की ओर अग्रसर है। मेट्रो परियोजना की प्रारंभिक सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कर नगर विकास एवं आवास विभाग को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में तीन कॉरिडोर और 18 स्टेशनों के निर्माण का प्रस्ताव है। अब सरकार के निर्देश के बाद डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
राइट्स एजेंसी द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार दरभंगा में 19 किलोमीटर मेट्रो लाइन बनेगी, जिसमें एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों ट्रैक होंगे। खासकर शहर के पुराने मोहल्लों में अंडरग्राउंड मेट्रो का प्रस्ताव दिया गया है।
- पहला कॉरिडोर: दरभंगा एयरपोर्ट → दिल्ली मोड़ बस स्टैंड → दरभंगा विश्वविद्यालय → दरभंगा रेलवे स्टेशन → अललपट्टी → डीएमसीएच → लहेरियासराय कलेक्ट्रेट → आईटी पार्क
- दूसरा कॉरिडोर: आईटी पार्क → एकमीघाट → शोभन एम्स
- तीसरा कॉरिडोर: दरभंगा एयरपोर्ट → शोभन एम्स
दरभंगा मेट्रो योजना को पांच साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मेट्रो में दो कोच होंगे, प्रत्येक कोच 20.5 मीटर लंबा होगा। यह योजना दरभंगा के यातायात दबाव को कम करने और आधुनिक परिवहन प्रणाली विकसित करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
29 अक्टूबर 2024 को नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कुछ रूटों पर आपत्ति जताई थी और नए रूट जोड़ने और स्टेशनों के स्थान बदलने का सुझाव दिया था। इस पर सरकार पुनर्विचार करेगी और फिर अंतिम डीपीआर तैयार की जाएगी।
मेट्रो परियोजना की रिपोर्ट तैयार होने के बाद अब सरकार की मंजूरी का इंतजार है। हरी झंडी मिलते ही डीपीआर तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो दरभंगा के लोग जल्द ही मेट्रो में सफर करने का सपना पूरा कर सकेंगे!





