PATNA : नए ट्रैफिक रूल्स के तहत हर जगह वाहनों की चेकिंग की जा रही है, लोगों के चालान काटे जा रहे हैं। लेकिन सरकारी गाड़ियों के लिए क्या इंश्योरेंस जरूरी है इस बात को लेकर परिवहन विभाग अपने आप में ही कंफ्यूज है।
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सरकारी गाड़ियों के इंश्योरेंस को लेकर परिवहन मंत्री और विभागीय सचिव की राय अलग-अलग है। मंत्री संतोष निराला की माने तो प्राइवेट और सरकारी दोनों तरह की गाड़ियों के लिए इंश्योरेंस जरूरी है। मंत्री ने कहा है कि सरकारी गाड़ियों का भी इंश्योरेंस कराया जाएगा।
जबकि उन्हीं के विभागीय सचिव संजय अग्रवाल ने कहा है कि सरकारी गाड़ियों के लिए इंश्योरेंस कराना अनिवार्य नहीं है। सरकारी गाड़ियों का क्लेम खुद केंद्र या राज्य सरकार वहन करते हैं लिहाजा इंश्योरेंस जरूरी नहीं है। परिवहन सचिव ने कहा है कि पॉल्यूशन का फिटनेस सर्टिफिकेट सभी गाड़ियों के लिए अनिवार्य है चाहे वह निजी हो या सरकारी। मंत्री और सचिव के बयानों में विरोधाभास है, अब ऐसे में बड़ा कंफ्यूजन गया है कि कौन सही और कौन गलत जानकारी दे रहा है।
पटना से राहुल सिंह की रिपोर्ट
बहुत कंफ्यूजन है.. सरकारी गाड़ियों के इंश्योरेंस को लेकर परिवहन मंत्री और सचिव की अलग-अलग राय
PATNA : नए ट्रैफिक रूल्स के तहत हर जगह वाहनों की चेकिंग की जा रही है, लोगों के चालान काटे जा रहे हैं। लेकिन सरकारी गाड़ियों के लिए क्या इंश्योरेंस जरूरी है इस बात को लेकर परिवहन विभाग





