ब्रेकिंग
राज्यसभा सांसद के तौर पर इस दिन शपथ लेंगे नीतीश कुमार और नितिन नबीन समेत सभी पांच सदस्य, तय हो गई डेट; जानिए..फेमस होने का खतरनाक शौक: रील बनाने के दौरान बाइक सवार तीन लड़कों ने बुजुर्ग को रौंदा, मौके पर हुई मौतचेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: पद से हटाई गईं जहानाबाद की जिला परिषद अध्यक्ष रानी कुमारी, उपाध्यक्ष की कुर्सी बचीमैट्रिक परीक्षा 2026 के रिजल्ट को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल नोटिस का क्या है सच? बिहार बोर्ड का आया जवाबबिहार पुलिस का बड़ा एक्शन: अलग-अलग मामलों के 32 आरोपी गिरफ्तार, शराब और अवैध हथियार भी बरामदराज्यसभा सांसद के तौर पर इस दिन शपथ लेंगे नीतीश कुमार और नितिन नबीन समेत सभी पांच सदस्य, तय हो गई डेट; जानिए..फेमस होने का खतरनाक शौक: रील बनाने के दौरान बाइक सवार तीन लड़कों ने बुजुर्ग को रौंदा, मौके पर हुई मौतचेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: पद से हटाई गईं जहानाबाद की जिला परिषद अध्यक्ष रानी कुमारी, उपाध्यक्ष की कुर्सी बचीमैट्रिक परीक्षा 2026 के रिजल्ट को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल नोटिस का क्या है सच? बिहार बोर्ड का आया जवाबबिहार पुलिस का बड़ा एक्शन: अलग-अलग मामलों के 32 आरोपी गिरफ्तार, शराब और अवैध हथियार भी बरामद

हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, इंजीनियरिंग कॉलेजों में सुविधाओं की कमी पर ब्यौरा पेश करने का निर्देश

PATNA : सूबे के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बगैर बुनियादी सुविधाओं के चल रहे इंजीनियरिंग कालेजों के मामलें पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. न्यायमूर्ति

हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, इंजीनियरिंग कॉलेजों में सुविधाओं की कमी पर ब्यौरा पेश करने का निर्देश
Admin
|
|AMP
विज्ञापन — Rectangle
PATNA : सूबे के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बगैर बुनियादी सुविधाओं के चल रहे इंजीनियरिंग कालेजों के मामलें पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. न्यायमूर्ति शिवाजी पांडेय व न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की खण्डपीठ ने नरेंद्र मिश्रा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को इस मामले में विस्तृत ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया. पटना उच्च न्यायालय ने इंजीनियरिंग कालेजों में बुनियादी सुविधाओं, नियमित शिक्षकों और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत आंकड़ों को प्रस्तुत करने के लिए बिहार सरकार को आदेश दिया है. सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज खोल दिए गए हैं. लेकिन वहां पर्याप्त संख्या में ही नियमित शिक्षक हैं. कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है. कोर्ट ने कहा कि इन इंजीनियरिंग कालेजों में बुनियादी सुविधाएं के साथ ऐसी शिक्षा होनी चाहिए कि बड़ी कंपनियां वहां आकर छात्रों का ""प्लेसमेंट"" कर सके. इससे छात्रों को सीधा फायदा होगा. उन्हें जॉब मिलेगी. न्यायालय की ओर से मामले की अगली सुनवाई 3 हफ्ते बाद तय की गई है.
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Admin

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

विज्ञापन

संबंधित खबरें